हनुमान जी के पाठ और अनुष्ठान श्री गुरु हनुमान जी के चरणों में वंदन करते हुए उनके कुछ सिद्ध अमोघ पाठ के विषय में चर्चा करते हैं। इनमें से कुछ पाठ आप नियमित करते होंगे। लेकिन कुछ नहीं। बाबा के समस्त पाठ और मंत्र ऋद्धि-सिद्धि प्रदान करते हैं। भक्त को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होता। यदि होता भी है तो वह बाबा के प्रताप से शीघ्र ही मुक्त हो जाता है। यहां हम कुछ विधि आपको बता रहे हैं। यदि इन उपायों के साथ आप बाबा का पाठ करते हैं तो तीनों लोकों के ताप से आपको मुक्ति मिलती है। सुन्दरकाण्ड का पाठ श्रीरामचरित मानस का एक अध्याय है सुंदरकांड। प्रभु राम को यह सबसे प्रिय है। भगवान शँकर जी भी इसका गुणगान करते हैं। श्रीरामचरित मानस का यह हृदय है। इसमें सकल स्तुति है। यह अमोघ है। जो कोई इसका पाठ करता है, उसके दारुण दुखों का अंत होता है। सुंदरकांड पढ़ने का सही समय ब्रह्म मूहूर्त यानी सवेरे 4 बजे। यह सबसे उपयुक्त समय है। उसके बाद रात्रि 9 बजे और अपराह्न का समय यानी 2 बजे के बाद । वैसे आप कभी भी कर सकते हैं। यदि संपूर्ण पाठ आप नहीं कर सकते तो मंगलाचरण तो प्रतिदिन कीजिए। इसके साथ ही प्रबिसि नगर...
हिन्दू धर्म में सूर्य साक्षात देवता माने गए हैं। धार्मिक दृष्टि से सूर्य की उपासना व्यक्ति को निरोग और त्वचा रोग से मुक्त करती है। मनोकामनाओं की पूर्ति भी सूर्य पूजा से संभव है। असल में व्यावहारिक जीवन में भी सूर्य की रोशनी और ऊर्जा प्राणशक्ति का मुख्य साधन है। वैदिक काल से ही सूर्य शक्ति के देवता माने गए हैं। शास्त्रों में रविवार का दिन सूर्य पूजा के लिए बहुत ही शुभ फल देने वाला बताया गया है। सूर्य उपासना से शक्ति, सौंदर्य, तंदुरूस्ती और ज्ञान प्राप्ति होती है। जिससे ज़िंदगी में कामयाबी पाना आसान हो जाता है। वहीं इस उपासना में सूर्य के विशेष मंत्रों का जप मनोरथ पूर्ति में बहुत ही प्रभावी माने गए हैं। जानते हैं रविवार के दिन सूर्य उपासना के सरल उपायों को - - सुबह स्नान के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य दें। अर्घ्य के लिए सफेद वस्त्र पहनकर एक पात्र में गंगा या शुद्ध जल लेकर उसमें लाल फूल डालकर और चंदन डालकर पूर्व दिशा की ओर मुख कर अर्घ्य दें। - इसके बाद पूजा में सूर्यदेव की प्रतिमा पर लाल फूल और लाल चन्दन लगाएं। साथ ही अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। - रविवार के दिन सूर्य मंत्र की अधिकाधिक माला ...